किरण पधर (मंडी)।


कला एवं शिल्प अध्यापकों व सहायक अध्यापकों को मिले टीजीटी का पदनाम । यह बात राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ द्रंग दो के अध्यक्ष दया राम ठाकुर ने कही ।


उन्होंने कहा कि सभी सीएंडवी अध्यापक एक ही आरएन्डपी नियम के तहत भर्ती हुए हैं । राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ के अध्यक्ष दयाराम ठाकुर ने कहा है मंडी जिला के 30 ब्लॉकों के सभी कला एवं शिल्प अध्यापकों और शारीरिक अध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री हिमाचल सरकार और शिक्षा मंत्री से मिलेगा । उन्होंने कहा जब भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री मंडी जिला के दौरे पर होंगे उसी दौरान मंडी जिला के 23 ब्लॉकों के सभी कला एवं शिल्प अध्यापकों व शारीरिक अध्यापकों का समूह मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मिलेगा । उन्होंने कहा कि कला एवं शिल्प व शारीरिक अध्यापक की मुख्य मांगे मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी जाएगी । जिनमें कला एवं शिल्प व शारीरिक अध्यापकों को टीजीटी का पदनाम मिले । सभी सीएंडवी अध्यापक एक ही आरएन्डपी रूल के तहत भर्ती हुए हैं इसीलिए कला एवं शिल्प व शारीरिक अध्यापकों को टीजीटी का पदनाम मिलना चाहिए । उन्होंने कहा कि सभी माध्यमिक विद्यालयों में कला अध्यापक और शारीरिक अध्यापकों के पद रखे जाएं । इसके लिए 100 बच्चों की कंडीशन को समाप्त किया जाए । ड्राइंग विषय को अनिवार्य विषय किया जाए । नए माध्यमिक विद्यालयों में कला एवं शिल्प अध्यापक व शारीरिक अध्यापकों की पोस्ट क्रिएट की जाए । उन्होंने कहा कि सीएंडवी अध्यापकों की दो विशेष वेतन वृद्धि 20 वर्ष के पश्चात मिलती है उस वेतन वृद्धि को 15 वर्ष किया जाए ।