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किरण पधर (मंडी)।

उपमंडल पधर के इलाका दुंधा की चार पंचायतों के लोगों को बस सुविधा न मिलने से घण्टो पैदल सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है । वर्षों पहले लगी बसों के रुट भी विभागीय अधिकारी अपनी मनमर्जी से बदल रहे हैं, जिस कारण आम लोगों के साथ साथ स्कूली बच्चों , आईटीआई छात्रों तथा कालेज के छात्रों को सुविधा नहीं मिल रही है । एक ऐसा ही वाक्य उपमंडल पधर के इलाका दुंधा में देखने को मिला है जो बस वर्षो से रूट पर चल रही थी उसका रूट विभागीय अधिकारियों ने अपनी मर्जी से बदल डाला ।

ग्राम पंचायत कुफरी के उपप्रधान ओम प्रकाश ठाकुर , भड़वाहन पंचायत के प्रधान कमांडो जितेंद्र ठाकुर , अमर सिंह , ललित ठाकुर , पवन कुमार , रमेश चंद सहित अन्य लोगों ने बताया कि कुन्नू से कुफरी को चलने वाली बस का समय विभागीय अधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों को बिना पूछे ही बदल डाला और पहले यह बस मंडी जाती थी लेकिन अब इस बस को पधर कर दिया है जिस कारण मंडी जाने वाले यात्रियों को कुन्नू उतरना पड़ता है । ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि इस बस को नाम तो स्कूल बस का दिया है लेकिन बच्चों को इसका कोई लाभ नही मिल रहा है । जबकि पहले यह बस सुबह कुन्नू से 7 बजकर 45 मिनट पर कुफरी को चलती थी और बच्चो को इसका लाभ मिल पाता था लेकिन बीच मे इस बस को कुन्नू से 8 बजे किया गया जिस कारण अब इस बस का लाभ स्कूली छात्रों को नही मिल पा रहा है । वही उन्होंने बताया कि इस सम्बंध में पहले भी कई बार पंचायत और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री , परिवहन मंत्री और विभाग को भी अवगत करवाया लेकिन किसी के कान में जूं तक नही रेंगी । उन्होंने कहा कि अगर इस बस का समय और रुट पहले जैसा नही किया जाएगा तो सभी लोग मिलकर कुफरी में चकाजाम करेंगे । जिसकी जिमेवारी निगम की होगी । वहीं उन्होंने कहा कि बैजनाथ डिपो की कुफरी को आने वाली बस भी डिग्री कालेज नारला को नहीं जाती जिस कारण कॉलेज के छात्रों को हरड़गलू तक पैदल ही आना जाना पड़ता है । उन्होंने कहा कि अगर बसों की समय सारणी नहीं बदली गयी तो आने वाले 15 दिनों के बाद कुफरी में चकाजाम किया जाएगा । लोगों का कहना है मुख्यमंत्री ने पधर दौरे के दौरान अतिरिक्त बसें लगाने को कहा था लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद कोई भी बस क्षेत्र में नही लग पाई बल्कि जो पुरानी बसे रूटों पर चल रही थी वो भी विभागीय अधिकारियों के कारण बन्द हो गयी है कुछ के रूट बदल दिए गए हैं । वही कुफरी से सुबह चलने वाली बस में सवारियां जरूरत से ज्यादा होती है जिस पर किसी का भी ध्यान नही है ।