कुलदीप शर्मा /मंडी /न्यूज हिमाचल 24

लोकसभा उपचुनाव को लेकर मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों ने बुधवार को चुनावी उम्मीदवारों एवं राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में आयोजित इस बैठक में सामान्य पर्यवेक्षक तीन आईएएस अधिकारी दिल राज सिंह, नीलम मीणा और बी.एच. तलाटी तथा व्यय पर्यवेक्षक आईआरएस अधिकारी विमल कुमार मीणा मौजूद रहे। बैठक में निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अरिंदम चौधरी सहित अन्य अधिकारी व मंडी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों व उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस दौरान उम्मीदवारों व उनके प्रतिनिधियों को संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ ही उनके प्रश्नों-शंकाओं के जवाब देकर शंका समाधान भी किया गया।
आदर्श आचार संहिता का करें पालन
इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों कोे आदर्श आचार संहिता का पालन करने को कहा। उन्होंने पोलिंग व मतगणना एजेंट तैनात करने संबंधी नियमों की विस्तार से जानकारी दी।
अरिंदम चौधरी ने उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम तथा वीवीपैट मशीनों के रैंडमाइजेशन के संबंध में अवगत कराया । उन्होंने चुनावी कार्यक्रमों में कोविड 19 प्रोटोकॉल का पूरा पालन तय बनाने को कहा।
कोरोना संक्रमितों-बुजुर्गों-दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध ‘
उपायुक्त ने बताया कि चुनाव आयोग ने इस बार कोरोना संक्रमितों-80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और चलने फिरने में असमर्थ दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं। ऐसे मतदाताओं के लिए घर से पोस्टल बैलेट के जरिए भी वोट डालने की व्यवस्था की गई है। उनकी वोटिंग के लिए विशेष पोलिंग पार्टी का गठन किया गया है, जो निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक मतदाता के घर जाकर पोस्टल बैलेट से मतदान प्रक्रिया को पूरा करवाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, उम्मीदवारों, उनके एजेंटों को मतदान प्रक्रिया के दौरान पोलिंग पार्टी के साथ उपस्थित रहने का आग्रह किया ।
इसके अलावा ऐसे मतदाता, जो कोरोना संक्रमित हैं, लेकिन मतदान केंद्र पर आकर अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं, उनके लिए मतदान के आखिरी घंटे में मतदान के लिए व्यवस्था रहेगी।
16, 21 और 28 अक्तूबर को व्यय रजिस्टर का निरीक्षण ‘
इस मौके व्यय पर्यवेक्षक विमल कुमार मीणा ने उम्मीदवारों को अपने चुनाव प्रचार-प्रसार व अन्य चुनावी गतिविधियों के संबंध में हुए खर्च के ब्योरे को रजिस्टर में दर्ज करने को कहा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अपने एजेंट को सही तरीके से व्यय रजिस्टर तैयार करने को कहें। व्यय रजिस्टर को अद्यतन रखें। 16, 21 और 28 अक्तूबर को व्यय रजिस्टरों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान प्रत्याशियों के खर्च रजिस्टर का निरीक्षण तथा शैडो रजिस्टर से मिलान किया जाएगा। इस मौके उम्मीदवार अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधि चुनाव के लिए नए खोले गए नए खाते की डिटेल भी साथ लाएं।
उन्होंने कहा कि चुनावी व्यय की निगरानी के लिए गठित टीमें सभी चुनावी गतिविधियों एवं खर्चे पर लगातार नजर रख रही हैं।
व्यय पर्यवेक्षक ने चुनावी खर्च एवं व्यय सीमा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
सामान्य पर्यवेक्षक दिल राज सिंह, नीलम मीणा और बी.एच. तलाटी ने उम्मीदवारों व उनके प्रतिनिधियों के चुनाव संबंधी विभिन्न प्रश्नों-शंकाओं के जवाब देकर शंका समाधान किया ।