कुलदीप शर्मा /मंडी /न्यूज हिमाचल 24

भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत 4 गुणा मुआवजे के प्रावधान को हिमाचल प्रदेश में भी लागू करवाने की मांग पर आगामी 22 अक्टूबर को मंडी में होने वाले राज्य स्तरीय किसान प्रदर्शन में हिमाचल किसान सभा बढ़ चढ़ कर भाग लेगी। हिमाचल किसान सभा के मंडी जिला प्रधान कुशाल भारद्वाज, उपाध्यक्ष परस राम, सहससचिव बिहारी लाल तथा कोषाध्यक्ष हेम राज ने कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रभावितों के मुद्दों पर होने वाले इस प्रदर्शन में हिमाचल किसान सभा की मंडी जिला कमेटी व्यापक तैयारी कर रही है तथा इसके लिए सुंदरनगर, बल्ह, द्रंग, जोगिंदर नगर, सिराज, सदर, सरकाघाट व धर्मपुर सहित हर क्षेत्र से किसानों को लामबंद किया जाएगा। 16 अक्तूबर को भी इसकी तैयारी के संबंध में जिला कमेटी की विस्तारित बैठक मंडी में रखी गई है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों एवं प्रभावितों की जमीन की लूट के उद्देश्य से जमीन के सर्कल रेट घटाने की भी कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में फोरलेन, बिजली व अन्य परियोजनाओं, बिजली के टावर या अन्य किसी कार्य के कारण प्रभावित परिवारों को आ रही समस्याओं तथा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को पूर्णतः लागू करवाने के लिए प्रभावितों के कई संगठन हिस्सा लेंगे। प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण द्वारा पांच फोरलेन, 63 राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्रस्तावित हैं एवं बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा टावर लाइन, रेल लाइन व अन्य निर्माण कार्यों हेतु भूमि अधिग्रहण हो रहा है, लेकिन भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को हिमाचल सरकार लागू नहीं कर रही है। जबकि केन्द्र सरकार 2018 से पुर्नस्थापना, पुर्नवास तथा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के अनुसार फैक्टर-2 (चार गुणा मुआवजा) को लागू करने की बात कर रही है। भाजपा सरकार के सता में आने के चार साल बाद भी हिमाचल में अभी तक किसानों के पक्ष में कोई भी फैसला न लेकर किसानों की जमीन को कौड़ियों के भाव लेकर किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।

किसान सभा जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने कहा कि सरकार किसानों के साथ हेराफेरी करके और तोड़ मरोड़ कर 2013 के कानून को निरस्त करने में लगी हुई है। हिमाचल किसान सभा की मंडी जिला कमेटी मांग करती है कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को पूर्णतया लागू कर भूमि का मुआवजा बाजार भाव से तय किया जाये, भूमि व मकानों के लंबित मुआवजे का निपटारा शीघ्र किया जाये, प्रतावित सड़क के बाहर मकानों/जमीन/टनल से नुकसान का मुआवजा दिया जाये, प्रस्तावित फोरलेन के साथ 5 मीटर कंट्रोल विड्थ व टी सी पी योजना से निरस्त किया जाए, न्यायालय में लंबित मामलों का निपटारा शीघ्र किया जाये, पैदल व भूमिगत रास्ते, शौचालय, संपर्क मार्ग, टी प्वाइंट, टेलीफोन लाइन, बिजली पानी के कुएं, हैंड पंप, मंदिरों व शमशानों के रास्तों का पुनर्स्थापन किया जाये तथा परियोजनाओं में 70 फीसदी स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित किया जाये।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है तथा किसानों की जमीन को कौड़ियों के भाव छीनना चाहती है। जिसे हरगिज सहन नहीं किया जाएगा। इस 22 अक्तूबर के इस प्रदर्शन में नूरपुर से लेकर रोहतांग तक तथा ऊना से लेकर रोहडू व किन्नौर तक के किसान एवं प्रभावित हिस्सा लेंगे। किसान सभा की मंडी जिला कमेटी ने मंडी जिला के सभी वर्तमान प्रभावितों व भविष्य में पठानकोट मंडी फोरलेन भूमि अधिग्रहण के संभावित प्रभावितों से अपील की कि 22 अक्तूबर के इस प्रदर्शन में वे बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें।