कुलदीप शर्मा/ मंडी /न्यूज हिमाचल 24

मंडी लोकसभा उपचुनाव के चलते निर्वाचन आयोग की पेड न्यूज, चुनावी विज्ञापनों एवं आम लोगों को दिगभ्रमित करने वाले समाचारों पर पैनी नजर है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मंडी में गठित मीडिया प्रमाणीकरण एंव निगरानी समिति (मीडिया सर्टीफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी ‘एमसीएमसी’) चौबीसों घंटे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है। एमसीएमसी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने मंगलवार को एमसीएमसी की एक बैठक के उपरांत यह बात कही।
बता दें, डीसी की अध्यक्षता में बनाई गई इस कमेटी में एडीसी मंडी, डीपीआरओ समेत अन्य अधिकारी एवं वरिष्ठ पत्रकार शामिल हैं। 24 घंटे टीवी, सोशल और प्रिंट मीडिया पर नजर रखने के लिए करीब 15 कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय भवन में स्थापित एमसीएमसी सैल में डियूटी पर तैनात हैं। कमेटी के सदस्य शिफ्टों में ड्यूटी कर रहे हैं।
विज्ञापन देने से पहले एमसीएमसी से पूर्व प्रमाणीकरण है अनिवार्य
अरिंदम चौधरी ने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता अथवा प्रत्याशी को अपने चुनाव प्रचार के लिए टीवी, प्रिंट या सोशल मीडिया में विज्ञापन देने के लिए एमसीएमसी से पूर्व प्रमाणीकरण अनिवार्य है। एमसीएमसी से प्री-सर्टीफिकेशन के बाद ही वे विज्ञापन दे सकते हैं। इसके लिए वे डीपीआरओ मंडी अथवा डीसी मंडी के कार्यालय में ओवदन कर सकते हैं।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करने का आग्रह किया है।
बैठक में एमसीएमसी के सदस्य डीडी न्यूज चैनल के मंडी जिला संवाददाता अंकुश सूद, इंग्लिश दैनिक समाचार पत्र द ट्रिब्यून के मंडी जिला संवाददाता दीपेंद्र मांटा, एनआईसी के सहायक जिला सूचना अधिकारी सुखदीप सिंह और एमसीएमसी के सदस्य सचिव एवं जिला लोक संपर्क अधिकारी मंडी उपस्थित रहे।