अंशुल शर्मा /सरकाघाट।

2014 में बने धर्मपुर उपमंडल का रिकॉर्ड अभी भी सरकाघाट में

मंत्री चार साल से नहीं करवा पाये स्थान व स्टाफ़ की व्यवस्था,जनता को 65 किलोमीटर दूर आकर लेना पड़ रहा है रिकार्ड

धर्मपुर उपमण्डल का राजस्व रिकॉर्ड सात साल से अभी तक सरकाघाट से धर्मपुर उपमण्डल को ट्रांसफर नहीं हो पाया। जिसके कारण जनता को अभी भी मुसाबी, इंतक़ाल व जमाबंदी की नक़ल,राजस्व मामलों के फैसलों व अन्य रिकॉर्ड के लिए अभी भी सरकाघाट जाना पड़ रहा है।पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि धर्मपुर में एस डी एम कार्यालय वर्ष 2014 में खुला है। लेकिन इस विभाग की कमान यहां के विधायक महेंद्र सिंह के पास होने के बाबजूद भी यहाँ पर रिकॉड शिफ्ट नहीं किया गया है।उन्होंने बताया कि धर्मपुर उपमण्डल में दो तहसीलें, दो उपतहसीलें,57 पटवार वृत और 7 कानूनगो वृत हैं लेकिन इनका सभी प्रकार का रिकॉर्ड धर्मपुर के बजाए सरकाघाट में ही है।लोगों को संधोल से 65 किलोमीटर दूर सरकाघाट से सभी प्रकार के राजस्व रिकॉर्ड की नकलें लेने के लिए भटकना पड़ता है।लेकिन राजस्व मंत्री कुंभकर्णी नींद सोये हुए हैं और अपने गृह उपमण्डल में भी सुविधाएं मुहैया कराने में असफ़ल साबित हो रहे हैं।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सरकाघाट से धर्मपुर रिकॉर्ड शिफ्ट करने के लिए भवन की जरूरत है और इसके लिए अलग से स्टाफ़ नियुक्त किया जाना है लेकिन गत सात साल में तथा विशेष तौर में वर्तमान भाजपा सरकार के चार साल के कार्यकाल में इसमें कोई भी प्रगति नहीं हो पाई है और धर्मपुर को मिला राजस्व मंत्री का पद भी इसमें कोई सुधार नहीं कर पाया है।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इसी सरकार ने संधोल में सप्ताह के दो दिन एस डी एम का कैम्प ऑफिस खोलने का भी निर्णय लिया था लेकिन ये फैसला भी अधिसूचना जारी करने तक ही सीमित रहा।भूपेंद्र सिंह ने मांग की है कि धर्मपुर उपमंडल मुख्यालय पर रिकॉर्ड जल्दी शिफ्ट किया जाये और उसके लिए वहां पर जल्दी ज़रूरत के अनुसार कमरों की व्यवस्था की जाए और स्टाफ़ की भर्ती की जाये।