अंशुल शर्मा /सरकाघाट।


शनिवार को एसएफआई इकाई सरकाघाट द्वारा चौतीसवां इकाई सम्मेलन किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सम्मेलन का उदघाटन सरकाघाट कॉलेज के पूर्व सीएससीए अध्यक्ष लक्ष्य भारद्वाज द्वारा किया गया।
पूर्व अध्यक्ष ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में बीजेपी की सरकार काम कर रही है जिनकी नीतियां शिक्षा को प्राइवेट हाथों में देने की है । इसका जीता जागता उदाहरण मोदी सरकार के द्वारा लाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति है । जिसके जरिए पूरे देश के सरकारी शिक्षण संस्थानों को सोची समझी साजिश के जरिए कोरप्रेट के हाथों देने की है । आज सरकारी शिक्षा को बचाने के लिए व शिक्षा के बजट में बढ़ोतरी कराने के लिए संघर्ष करना होगा सभी छात्रों को लामबद्ध कर मोदी सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुटता दिखाने की जरूरत है । सम्मेलन के समापन में जिला अध्यक्ष ऋत्विक ठाकुर ने बताया कि आज महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओ के आभाव के चलते छात्रों को अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है । सरकाघाट बड़ा व पुराना कालेज है लेकिन स्टाफ की कमी के कारण शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है ।
नव निर्वाचित कमेटी ने कॉलेज में टीचर के खाली पदों को , शौचालय की नियमित सफाई , बस पास की ऑनलाइन सुविधा , जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्रदेश सरकार के समक्ष प्राथमिकता से उठाने के लिए आह्वान किया है । अगर मांगें जल्द से जल्द पूरी नहीं की जाती है तो एसएफआई इकाई सरकाघाट महाविद्यालय में इन मांगों को लेकर छात्रों को लामबंद कर प्रदेश सरकार व प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सम्मेलन के अंत में 29 सदस्य कमेटी बनाई गई जिसमें प्रवीण ,प्रियंका, बंदना कुमारी, पल्लवी शर्मा, शिवानी, किरण, ज्योति देवी, प्रिया, जिया गुलेरिया, प्रियांशु जामवाल, निशांत जामवाल, राहुल, विशाल, अनिकेत, शिवानी ठाकुर, सिया, भारती, आकृति, आंचल शर्मा, शगुन शर्मा, , प्रियांशु, शिवानी शर्मा, टेक चंद, वंदना, आयुष, साहिल, अंकिता, अमिता शैलजा पठानिया कमेटी का सदस्य बनाया गया तथा
इकाई अध्यक्ष निशांत जामवाल और इकाई सचिव प्रियंका भारद्वाज बनी बनी