मिलाप चंद कौशल/ ब्यूरो——ऊना





उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने जिला परिषद सभागार में आहुतियां डालकर गायत्री अग्निहोत्र की शुरूआत की। इस दौरान आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत स्वाधीनता के 75 वर्ष विषय पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। अपने संबोधन में जिलाधीश राघव शर्मा ने कहा कि भारत की पहचान प्रत्येक व्यक्ति के व्यक्तित्व पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि यदि देश का कोई भी व्यक्ति अच्छे कार्य करता है, तो देश बेहतर बनता है और यदि कोई अनुचित व्यवहार करता है, तो देश की छवि बिगड़ती है। अच्छे कार्यों से ही देश का भविष्य सुरक्षित है तथा देश सेवा के लिए प्रत्येक भारतवासी को निरंतर प्रयासरत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें तीन विषयों पर सोचने की आवश्यकता है कि भारत क्या था, कैसा होना चाहिए और क्यों होना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता ओम प्रकाश ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। उन्होंने ऊना जिला के स्वतंत्रता सेनानी सत्यभूषण शास्त्री जी का जिक्र करते हुए कहा कि 93 वर्ष की आयु में भी वह समाज सेवा के लिए तत्पर रहते थे। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल देश की कमियां निकालने से नहीं है, बल्कि हमें उन कमियों को दूर करने के लिए प्रयास करने होंगे। हम अपने आसपास सफाई व्यवस्था, गरीबों की सहायता करने व समाज के हर वर्ग से सम्पर्क बनाकर रखें, जिससे हमारा समाज एकजुट होकर रहे। ओम प्रकाश ने कहा कि बहुत सारी शक्तियां भारत के विरुद्ध कार्य कर रहीं है तथा उनसे लड़ने के लिए हमें अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करना बहुत आवश्यक है।
इस अवसर पर डॉ. हेमराज शर्मा, डॉ.चमन सिंह चौहान, प्रताप, गौरी शंकर, शांति स्वरूप, सुनिद्धि शर्मा, एडवोकेट दीपक शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।